हमारे बारे में · प्रजापति हितकारिणी महासभा
प्रजापति हितकारिणी महासभा (रजि.)
राष्ट्रीय सामाजिक संस्था
📍 राष्ट्रीय मुख्यालय: ग्वालियर, मध्यप्रदेश

📜 हमारी कहानी

प्रजापति हितकारिणी महासभा (रजि.) एक राष्ट्रीय सामाजिक संस्था है, जिसका पंजीयन 20 नवम्बर 2020 को ग्वालियर में हुआ। इसका लक्ष्य प्रजापति समाज को आर्थिक, शैक्षिक, राजनीतिक एवं सामाजिक रूप से सशक्त बनाना है।

05 अगस्त 2020 (राम मंदिर भूमि पूजन) के पावन अवसर पर ग्वालियर में हुई चिंतन बैठक ने संस्था की नींव रखी। उत्तर प्रदेश, दिल्ली, मध्यप्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, बिहार, उत्तराखण्ड, झारखंड, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, पंजाब सहित अनेक राज्यों के प्रबुद्धजन उपस्थित थे।

01 जनवरी 2021 को प्रथम बैठक में कार्यकारिणी गठित हुई और 12 जनवरी 2021 (स्वामी विवेकानंद जयंती) को उद्घाटन सत्र में समाज सेवा की शपथ ली गई। 27 जनवरी 2022 को विधान संशोधन कर नाम “प्रजापति हितकारिणी महासभा (रजि.)” किया गया।

मंदिर विलय : 22 दिसंबर 2024 ताल वाले हनुमान जी मंदिर ग्वालियर का हितकारिणी महासभा में विलय, मंदिर संचालन हेतु मंदिर प्रबंधन समिति गठित की।

त्वरित तथ्य

📅
2020 स्थापना वर्ष
📌
10+ राज्यों में उपस्थिति
🤝
15+ सक्रिय कार्यक्रम
🏆
10 प्रमुख विंग
🕉️
1 मंदिर विलय (2024)

ख्यालेन्द्र प्रजापति

संस्थापक / राष्ट्रीय अध्यक्ष
प्रजापति समाज का इतिहास त्याग, श्रम, सृजन और राष्ट्र निर्माण की गौरवशाली परंपरा से परिपूर्ण रहा है। हमारे महापुरुषों, संतों, समाज सुधारकों, शहीदों एवं देशभक्तों ने अपने आदर्शों, संघर्षों और सेवा भाव से समाज को नई दिशा प्रदान की है।

राष्ट्रीय प्रजापति हितकारिणी महासभा का उद्देश्य समाज की इस अमूल्य विरासत को संरक्षित करते हुए शिक्षा, संगठन, सामाजिक समरसता, आर्थिक सशक्तिकरण एवं युवा नेतृत्व के माध्यम से समाज के सर्वांगीण विकास और उत्थान का मार्ग प्रशस्त करना है।

आइए, हम सभी अपने महापुरुषों के आदर्शों से प्रेरणा लेकर एक संगठित, शिक्षित, आत्मनिर्भर एवं गौरवशाली प्रजापति समाज के निर्माण का संकल्प लें।

— ख्यालेन्द्र प्रजापति
संस्थापक / राष्ट्रीय अध्यक्ष
एस. एन. प्रजापति 'शिवम'
संस्थापक / राष्ट्रीय मुख्य महासचिव
शिक्षा ही समाज की उन्नति, आत्मनिर्भरता और सम्मान का सबसे सशक्त माध्यम है। हमारा संकल्प है कि समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक अवसर, ज्ञान और विकास की किरण पहुंचे। विशेष रूप से ग्रामीण अंचलों, वंचित परिवारों तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए महासभा निरंतर कार्य कर रही है। मुझे गर्व है कि महासभा सामाजिक जागरूकता, शिक्षा प्रोत्साहन, संगठन सुदृढ़ीकरण एवं समावेशी विकास के माध्यम से समाज को नई दिशा प्रदान कर रही है। आइए, हम सभी मिलकर शिक्षित, समृद्ध, संगठित एवं सशक्त प्रजापति समाज के निर्माण में अपना योगदान दें।
इंजी. राकेश प्रजापति (IIT Roorkee)
संस्थापक / राष्ट्रीय संयोजक
आज का युग ज्ञान, तकनीक और नवाचार का युग है। यदि हमारी युवा शक्ति आधुनिक तकनीकी शिक्षा, स्वरोजगार और उद्यमिता से जुड़ेगी, तो समाज की आर्थिक प्रगति को नई गति मिलेगी। हमारी परंपरागत मिट्टी कला केवल एक विरासत नहीं, बल्कि रोजगार और आत्मनिर्भरता का एक सशक्त माध्यम भी है। राष्ट्रीय प्रजापति हितकारिणी महासभा देशभर में युवाओं को तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास, स्टार्टअप, स्वरोजगार एवं मिट्टी कला आधारित नवीन व्यवसायों से जोड़ने का निरंतर प्रयास कर रही है। हमारा लक्ष्य है कि समाज का प्रत्येक युवा रोजगार खोजने वाला नहीं, बल्कि रोजगार सृजित करने वाला बने। आइए, हम परंपरा और तकनीक के समन्वय से एक समृद्ध, आत्मनिर्भर और प्रगतिशील प्रजापति समाज के निर्माण का संकल्प लें।
श्रीमती योगेश्वरी पचोखरिया
राष्ट्रीय संयोजिका, महिला शक्ति विंग
नारी केवल परिवार की आधारशिला ही नहीं, बल्कि समाज, संस्कृति और राष्ट्र निर्माण की सबसे महत्वपूर्ण शक्ति है। एक शिक्षित, जागरूक और आत्मनिर्भर महिला पूरे परिवार तथा समाज के विकास का मार्ग प्रशस्त करती है। इतिहास साक्षी है कि महिलाओं ने शिक्षा, सामाजिक सुधार, सेवा, नेतृत्व एवं राष्ट्र निर्माण के प्रत्येक क्षेत्र में अपनी अमूल्य भूमिका निभाई है। राष्ट्रीय प्रजापति हितकारिणी महासभा की महिला शक्ति विंग महिलाओं के सम्मान, शिक्षा, स्वावलंबन, नेतृत्व विकास एवं सामाजिक सहभागिता को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्यरत है। हमारा विश्वास है कि महिला सशक्तिकरण ही समाज के समग्र उत्थान का सबसे प्रभावी माध्यम है। आइए, हम सभी मिलकर ऐसी सशक्त, शिक्षित, आत्मविश्वासी एवं नेतृत्वक्षम महिला शक्ति का निर्माण करें, जो समाज और राष्ट्र की प्रगति में नई ऊर्जा का संचार करे।
मनीष कुम्भकार
संस्थापक / प्रदेशाध्यक्ष मध्यप्रदेश
युवा किसी भी समाज की सबसे बड़ी पूंजी, सबसे बड़ी शक्ति और सबसे बड़ी आशा होते हैं। आज का युवा ही कल का नेतृत्वकर्ता, नीति निर्माता और समाज का मार्गदर्शक बनता है। समाज की दशा और दिशा बदलने का सामर्थ्य यदि किसी में है, तो वह हमारी युवा शक्ति में है। राष्ट्रीय प्रजापति हितकारिणी महासभा युवाओं को शिक्षा, नेतृत्व, सामाजिक जागरूकता, कौशल विकास, स्वरोजगार एवं संगठनात्मक गतिविधियों से जोड़कर उन्हें समाज निर्माण की मुख्यधारा में लाने का निरंतर प्रयास कर रही है। हमारा उद्देश्य युवाओं में आत्मविश्वास, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्र सेवा की भावना का विकास करना है, ताकि वे अपने समाज और देश के उज्ज्वल भविष्य के निर्माता बन सकें। मैं सभी युवाओं से आह्वान करता हूँ कि वे अपनी ऊर्जा, प्रतिभा और सकारात्मक सोच को समाज के उत्थान में समर्पित करें तथा एक संगठित, शिक्षित, सशक्त और गौरवशाली प्रजापति समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं।

प्रमुख उपलब्धियाँ

05 अगस्त 2020प्रथम चिंतन बैठक
20 नवम्बर 2020पंजीयन
12 जनवरी 2021उद्घाटन सत्र
27 जनवरी 2022विधान संशोधन
31 मार्च 2023प्रथम अधिवेशन एवं सम्मान समारोह
26 जून 2024प्रथम प्रतिभा सम्मान एवं प्रजापति गौरव रत्न अलंकरण
22 दिसम्बर 2024मंदिर विलय
26 अक्टूबर 2025द्वितीय प्रतिभा सम्मान एवं प्रजापति गौरव रत्न अलंकरण
22 मार्च 2026रंगोत्सव पारिवारिक मिलन एवं वैवाहिक परिचय सम्मेलन

🏛️ ऐतिहासिक आयोजन

🏅🇮🇳
प्रथम राष्ट्रीय अधिवेशन एवं सम्मान समारोह 31 मार्च 2024 | होटल सुखसागर, ग्वालियर राष्ट्रीय स्तर पर सामाजिक चिंतन, समाज उत्थान एवं विकास पर चर्चा, राष्ट्रीय कार्यकारिणी घोषित
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प्रथम प्रतिभा सम्मान एवं प्रजापति गौरव रत्न अलंकरण समारोह - 2024 26 जून 2024 जनकपुरी पैलेस, ग्वालियर समाज की प्रतिभाओं का सम्मान एवं गौरव रत्न अलंकरण का प्रथम आयोजन
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द्वितीय प्रतिभा सम्मान एवं प्रजापति गौरव रत्न अलंकरण समारोह - 2025 26 अक्टूबर 2025 मुरली गार्डन, ग्वालियर दूसरा भव्य आयोजन, और अधिक प्रतिभाओं का सम्मान
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रंगोत्सव पारिवारिक मिलन एवं वैवाहिक परिचय सम्मेलन 22 मार्च 2026 | मानस भवन, ग्वालियर 150 परिवार शामिल, 30 विवाह योग्य युवक-युवतियों का परिचय
प्रजापति हितकारिणी महासभा

🚩 गतिविधियां : समाज निर्माण के आयाम

प्रजापति हितकारिणी महासभा विभिन्न आयामों पर कार्य करती है। हमारी गतिविधियाँ समाज के हर वर्ग तक पहुँच बनाती हैं :

शिक्षण गतिविधियां प्रशिक्षण गतिविधियां स्वास्थ्य शिविर राजनीतिक जागरूकता रक्तदान मित्र योजना वरिष्ठ नागरिक सम्मान प्रतिभा सम्मान प्रजापति गौरव रत्न