संस्कार एवं प्रेरणा वर्ग | प्रजापति हितकारिणी महासभा
प्रजापति हितकारिणी महासभा (रजि.)

संस्कार एवं प्रेरणा वर्ग

“संस्कार ही मनुष्य की पहचान हैं, प्रेरणा ही उसका मार्गदर्शन” — नैतिक मूल्य, चरित्र निर्माण एवं आध्यात्मिक विकास हेतु समर्पित कार्यक्रम।
5,000+ प्रतिभागी
120+ सत्र आयोजित
25+ केंद्र सक्रिय

संस्कार एवं प्रेरणा वर्ग के प्रमुख आयाम

बाल संस्कार वर्ग

5-15 वर्ष के बच्चों के लिए नैतिक शिक्षा, कहानियों के माध्यम से मूल्यों का विकास, संस्कार यात्रा।

पारिवारिक संस्कार संवाद

परिवार के सभी सदस्यों के लिए साप्ताहिक सत्र, संयुक्त परिवार के महत्व, संस्कारों का हस्तांतरण।

युवा प्रेरणा शिविर

युवाओं को जीवन कौशल, करियर मार्गदर्शन, सकारात्मक सोच एवं नेतृत्व क्षमता का प्रशिक्षण।

आध्यात्मिक चिंतन सत्र

प्रेरक प्रवचन, ध्यान एवं योग, भगवद्गीता एवं रामायण का सारगर्भित पाठ।

विभिन्न वर्गों का विवरण

प्रातः कालीन सत्र

प्रतिदिन सुबह 6:00 - 7:00 बजे, प्रार्थना, योग, नैतिक कहानियाँ, श्लोक उच्चारण।

सायंकालीन संस्कार वर्ग

शाम 5:00 - 6:00 बजे (बच्चों एवं युवाओं के लिए), विभिन्न विद्यालयों एवं समाज भवनों में।

रविवार विशेष सत्र

प्रतिभाशाली व्यक्तित्वों के व्याख्यान, प्रेरक फिल्में, समूह चर्चा, सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ।

साप्ताहिक संस्कार एवं प्रेरणा कार्यक्रम

सोमवार

मूल्य शिक्षा एवं नैतिक कहानियाँ

ईमानदारी, कर्तव्य, मातृ-पितृ भक्ति जैसे विषयों पर प्रेरक प्रसंग।
मंगलवार

हनुमान चालीसा एवं भक्ति सत्र

सामूहिक पाठ, कीर्तन, हनुमान जी के जीवन से प्रेरणा।
बुधवार

युवा प्रेरणा चर्चा (करियर, नेतृत्व, लक्ष्य)

प्रेरक वक्ताओं द्वारा मार्गदर्शन, सफलता के सूत्र।
गुरुवार

ध्यान, योग एवं प्राणायाम

मानसिक शांति, एकाग्रता, तनाव मुक्ति के लिए विशेष सत्र।
शुक्रवार

प्रेरक फिल्म एवं वृत्तचित्र स्क्रीनिंग

महापुरुषों, समाजसेवियों पर आधारित फिल्मों का प्रदर्शन एवं चर्चा।
शनिवार

सांस्कृतिक एवं नैतिक नाटिका / प्रतियोगिता

बच्चों एवं युवाओं द्वारा संस्कार आधारित नाटक, भाषण प्रतियोगिता।
रविवार

विशेष प्रेरणा सभा (महापुरुषों की जयंती/विचार)

स्वामी विवेकानंद, महात्मा गांधी, डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के विचारों पर सारगर्भित चर्चा।

“उठो, जागो और तब तक नहीं रुको जब तक लक्ष्य की प्राप्ति न हो जाए। संस्कार ही वह शक्ति है जो मनुष्य को मानवता की ओर ले जाती है।”

— स्वामी विवेकानंद

नैतिक चरित्र निर्माण

सत्य, अहिंसा, अनुशासन, सेवा, सहनशीलता जैसे गुणों का विकास।

मानसिक एवं आध्यात्मिक संतुलन

ध्यान, प्रार्थना एवं आध्यात्मिक चिंतन से आंतरिक शांति एवं सकारात्मकता।

सामाजिक सामंजस्य

समाज के अन्य सदस्यों के साथ सम्मान, सहयोग एवं एकता की भावना।

संस्कार वर्ग में पंजीकरण करें

प्रजापति समाज के सभी परिवारों के लिए पूर्णतः निःशुल्क। बच्चों, युवाओं एवं वरिष्ठ नागरिकों हेतु अलग-अलग सत्र।

ऑनलाइन पंजीकरण करें

निकटतम संस्कार केंद्र की जानकारी हेतु संपर्क करें: sanskar@prajapatihitkarinisabha.in

प्रशिक्षक

हमारे मार्गदर्शक एवं गुरुजन

अनुभवी शिक्षक, आध्यात्मिक वक्ता, समाजसेवी एवं युवा प्रेरक। सभी प्रशिक्षक संस्कार एवं नैतिक शिक्षा में विशेषज्ञ।
स्थान

प्रमुख केंद्र

ग्वालियर, दतिया, मुरैना, शिवपुरी, भिंड, गुना, अशोकनगर एवं अन्य 20+ शहरों में संस्कार केंद्र सक्रिय।